बोलना सदा सब के लिए और मीठा बोलना।
- मेरे लिए कभी सहसा थम कर बात अपनी तोलना
- और फिर मौन धार लेना।
- जागना सभी के लिए सब को मान कर अपना
- अविश्राम उन्हें देना रचना उदास, भव्य कल्पना।
- मेरे लिए कभी सहसा थम कर बात अपनी तोलना
मेरे लिए कभी एक छोटी-सी झपकी भर लेना-
- सो जाना : देख लेना
- तडिद्-बिम्ब सपना।
- कौंध-भर उस के हो जाना।
- सो जाना : देख लेना


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