आज जो आपको सुनानी है
ज़िन्दगी की अजब कहानी है
तब मिले हैं ग़ज़ल के ये मोती
हमने दुनिया की ख़ाक छानी है
घर के बाहर निकल के देखो तो
आज की रुत बहुत सुहानी है
सौंधी ख़ुशबू से भर गया घर को
पहली बारिश का पहला पानी है
मेरी ग़ज़लों में दर्दे मुफ़लिस है
कोई राजा, न कोई रानी है
फिर से महकेगा आज घर मेरा
आज फिर याद उनकी आनी है
Thursday, November 20, 2014
आज जो आपको सुनानी है / कुमार अनिल
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