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Wednesday, November 12, 2014

यम्मा यम्मा, ये खूबसूरत समाँ / आनंद बख़्शी

 
यम्मा यम्मा, यम्मा यम्मा, ये खूबसूरत समा
बस आज की रात है ज़िंदगी, कल हम कहाँ तुम कहाँ

हँसते हुए ऐसी शान से, दीवाने चले जाएँगे
झूठी शमाँ से मिलके गले, परवाने जले जाएँगे
रह जाएगा यादों का दिया, कल हम कहाँ तुम कहाँ

कल क्या हो जाए किसको खबर, आ अब चलें झूमकर
ये ज़िंदगी इक लम्बा सफ़र, पल भर के सब हमसफ़र
इक रात के मेहमान सब यहाँ, कल हम कहाँ तुम कहाँ

आनंद बख़्शी

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