Pages

Monday, November 10, 2014

दुनिया को बोलती-बतियाती / अरुणा राय

दुनिया को
बोलती-बतियाती,
घूमती-फिरती,
हंसती-ठहहाती,
बूझती-समझती,
चलती-उडती,
सजती-सवरती,
गुनती-बुनती,
नकारती-फुफकारती
औरतें चुभती हैं!

अरुणा राय

0 comments :

Post a Comment