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Thursday, January 30, 2014

नहीं है अगर उन में बारिश हवा / ख़ालिद महमूद

नहीं है अगर उन में बारिश हवा
उठा बादलों की नुमाइश हवा

गहे बर्फ है गाह आतिश हवा
तुझे क्यूँ है दिल्ली से रंजिश हवा

मैं गुंजान शहरों का मारा हुआ
नवाज़िश नवाज़िश नवाज़िश हवा

तेरे साथ चलने की आदत नहीं
हमारी न कर आज़माइश हवा

शिकस्ता सफ़ीना मुसाफ़िर निढाल
तलातुम शब-ए-तार बारिश हवा

अब अश्क ओ तपिश चश्म ओ दिल में नहीं
थे यक-जा कभी आब ओ आतिश हवा

ख़ालिद महमूद

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