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Wednesday, March 19, 2014

अवशेष / ऋषभ देव शर्मा

रिश्ते सब टूट गए
खून के,
दूध के
और परस्पर झूठे पानी के।

ठेके ही बाकी हैं
कुर्सी के,
धर्म के,
माफिया गिरोहों के।।

ऋषभ देव शर्मा

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