बंधन तो कट जायेंगे, जो लायकवर होय ।
नालायक के सौ गुरु, भरम सकैं ना खोय ।।
भरम सकैं ना खोय गुरु पूरे भी होवैं ।
बेल कहाँ से चले बीज कल्लर में बोवैं ।।
गंगादास वन बाँस पास होते ना चन्दन ।
जब तक कपट कपाट गुरु काटे ना बन्धन ।।
बंधन तो कट जायेंगे, जो लायकवर होय ।
नालायक के सौ गुरु, भरम सकैं ना खोय ।।
भरम सकैं ना खोय गुरु पूरे भी होवैं ।
बेल कहाँ से चले बीज कल्लर में बोवैं ।।
गंगादास वन बाँस पास होते ना चन्दन ।
जब तक कपट कपाट गुरु काटे ना बन्धन ।।
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