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Sunday, October 5, 2014

यात्रा / इला प्रसाद

 
अंधेरे और उदासी की बात करना
मुझे अच्छा नहीं लगता।

निराशा और पराजय का साथ करना
मुझे अच्छा नहीं लगता,

इसीलिए यात्रा में हूँ।
अंधेरे में उजाला भरने
और पराजय को जय में बदलने के लिए
चल रही हूँ लगातार।

इला प्रसाद

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