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Sunday, January 12, 2014

ऊसर जमीन भी बन सकती है फिर से उपजाऊ 7 / उमेश चौहान

समय का खारापन सिमट आने पर
मन का खेत भी हो जाता है ऊसर
और फिर नहीं लहलहाती उसमें
विचारों की कोई भी पोषक फसल।

उमेश चौहान

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