ये जो मुहब्बत है, ये उनका है काम
महबूब का जो, बस लेते हुए नाम
मर जाएं, मिट जाएं, हो जाएं बदनाम
रहने दो छोड़ो भी जाने दो यार
हम ना करेंगे प्यार
रहने दो छोड़ो भी जाने दो यार
हम ना करेंगे प्यार
टूटे अगर सागर नया सागर कोई ले ले
मेरे खुदा दिल से कोई किसी के न खेले
दिल टूट जाए तो क्या हो अंजाम
ये जो ...
नज़र किसी से न उलझ जाए मैं डरता हूँ
यारों हसीनों की गली से मैं गुज़रता हूँ
बस दूर ही से कर के सलाम
ये जो ...
Sunday, January 12, 2014
ये जो मुहब्बत है, ये उनका है काम / आनंद बख़्शी
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