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Monday, January 13, 2014

पायल / अविनाश मिश्र

वह शोर और दर्द जो उठ रहा था
उनसे नहीं उनके बिछड़ जाने से उठ रहा था
कितनी सूनी और कितनी अधूरी थी इस बिछुड़न में
तुम्हारी चाल
बेताल

अविनाश मिश्र

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