Pages

Monday, November 11, 2013

रंगों का समवाय / आशुतोष दुबे

रंगों का कोई एकांत नहीं
उनका एक समवाय है

वे अपनी सामूहिकता में खुश हैं
उन्हें अकेला न करें

अकेलेपन में वे दम तोड़ देते हैं
और आप अकेले रह जाते है

एक रंगहीन संसार में

आशुतोष दुबे

0 comments :

Post a Comment