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Tuesday, October 8, 2013

हसरत / आलोक धन्वा


जहाँ नदियाँ समुद्र से मिलती हैं
वहाँ मेरा क्या है
मैं नहीं जानता
लेकिन एक दिन जाना है उधर

उस ओर किसी को जाते हुए देखते
कैसी हसरत भड़कती है !


(1996)

आलोक धन्वा

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