जो कहता था हमारा सरफिरा दिल, हम भी कहते थे
कभी तनहाइयों को तेरी महफ़िल, हम भी कहते थे
हमें भी तजरिबा है कुफ्र की दुनिया में रहने का
बुतों के सामने अपने मसाइल हम भी कहते थे
यहाँ इक भीड़ अंजाने में दिन कहती थी रातों को
उसी इक भीड़ में हम भी थे शामिल, हम भी कहते थे
Showing posts with label हम भी कहते थे / अकील नोमानी. Show all posts
Showing posts with label हम भी कहते थे / अकील नोमानी. Show all posts
Thursday, November 27, 2014
जो कहता था हमारा सरफिरा दिल, हम भी कहते थे / अकील नोमानी
Wednesday, October 23, 2013
जो कहता था हमारा सरफिरा दिल, हम भी कहते थे / अकील नोमानी
जो कहता था हमारा सरफिरा दिल, हम भी कहते थे
कभी तनहाइयों को तेरी महफ़िल, हम भी कहते थे
हमें भी तजरिबा है कुफ्र की दुनिया में रहने का
बुतों के सामने अपने मसाइल हम भी कहते थे
यहाँ इक भीड़ अंजाने में दिन कहती थी रातों को
उसी इक भीड़ में हम भी थे शामिल, हम भी कहते थे
अकील नोमानी
Subscribe to:
Posts
(
Atom
)

