Pages

Showing posts with label शेरों में घर स्यार ने. Show all posts
Showing posts with label शेरों में घर स्यार ने. Show all posts

Saturday, December 7, 2013

शेरों में घर स्यार ने, छाया क्या है फेर / गंगादास

शेरों में घर स्यार ने, छाया क्या है फेर ।
पराक्रम बिन नाम से, हो नहीं सकता शेर ।।

हो नहीं सकता शेर, कभी शेरों में बसकर ।
सिंह अकेले रहें फिरें स्यारों के लश्कर ।।

गंगादास पनचास[1] नहीं रमते बेरों में ।
मुर्दे करें तलास स्यार बसकर शेरों में ।।

गंगादास