दूर हम तुमसे जा नहीं सकते
शर्त ये भी है पा नही सकते
किसी को अपने आँसुओं का सबब
लाख चाहे बता नहीं सकते
जिस पे लिक्खी है इबारत कोई
हम वो दीवार ढा नही सकते
उसको रिश्तों से है नफ़रत शायद
कोई रिश्ता बना नहीं सकते
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Tuesday, January 21, 2014
पा नहीं सकते / अभिज्ञात
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