जिनको इन राहों में फूल मिले
वो बहार के गीत सुनाते चले ।
जिनके पग में बस ख़ार चुभे,
पतझर के गीत सुनाते चले ।
ये जीत के गीत सुनाते चले ,
वो हार के गीत सुनाते चले ।
हमको तो तुम्हारा प्यार मिला,
हम प्यार के गीत सुनाते चले ।
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Sunday, December 28, 2014
जिनको इन राहों में फूल मिले / कुमार अनिल
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