Pages

Showing posts with label कि अपना ख़ुदा होना / अरुणा राय. Show all posts
Showing posts with label कि अपना ख़ुदा होना / अरुणा राय. Show all posts

Wednesday, October 30, 2013

कि अपना ख़ुदा होना / अरुणा राय

ग़ुलामों की
ज़ुबान नही होती
सपने नही होते
इश्क तो दूर
जीने की
बात नही होती
मैं कैसे भूल जाऊँ
अपनी ग़ुलामी
कि अपना ख़ुदा होना
कभी भूलता नहीं तू...

अरुणा राय