Pages

Showing posts with label एकान्त / गिरिराज किराडू. Show all posts
Showing posts with label एकान्त / गिरिराज किराडू. Show all posts

Thursday, November 20, 2014

एकान्त / गिरिराज किराडू

चाचा ने जब गोदो किया
दुखी रहे थे बहुत दिनों तक कोर्ट मार्शल करते हुए
बहुत उद्विग्न जब किया एवम् इन्द्रजित
तो अपना नाम इन्द्रजित मोहन रख लिया और शायद तीन एकांत करते हुए ही
उन्हें अपना तखल्लुस एकांत मिला था मदन मोहन किराड़ू की जगह
इस तरह वे इन्द्रजित मोहन “एकांत” हो गए थे–
जब उन्होंने छोड़ा
थियेटर बोले जब तक यह समाज तखल्लुसों की मज़ाक उड़ाना नहीं छोड़ेगा
इसे थियेटर क्या कोई भी बदल नहीं पायेगा

गिरीराज किराडू