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Saturday, October 11, 2014

अज़ मेहर ता-ब-ज़र्रा दिल-ओ-दिल है आइना / ग़ालिब

अज़ मेहर ता-ब-ज़र्रा दिल-ओ-दिल है आइना
तूती को शश जिहत से मुक़ाबिल है आइना

ग़ालिब

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