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Thursday, March 13, 2014

साँप / अज्ञेय

साँप !

तुम सभ्य तो हुए नहीं
नगर में बसना
भी तुम्हें नहीं आया।

एक बात पूछूँ--(उत्तर दोगे?)
तब कैसे सीखा डँसना--

विष कहाँ पाया?


दिल्ली, 15 जून, 1954

अज्ञेय

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