बारहा तोहमतें गिला रखिए
आप हमसे ये सिलसिला रखिए
लूटने वाला हँसी है इतना
जाँ से जाने का हौसला रखिए
दिल की खिड़की अगर खुली हो तो
दिल के चारों तरफ़ किला रखिए
हमको देना है बहुत कुछ लेकिन
क्या बताएँ कि आप क्या रखिए
और क्या आजमाइशें होंगी
पास आकर भी फ़ासला रखिए
फिर भी तनहाइयाँ सताएँगी
आप चाहे तो काफ़िला रखिए
Saturday, February 15, 2014
सिलसिला रखिए / अभिज्ञात
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