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Friday, February 7, 2014

तोतली बुढ़िया / कन्हैयालाल मत्त

एक तोतली बुढ़िया माई
घुमा रही थी तकली
उसके बड़े पोपले मुंह में
दांत लगे थे नकली

'तोता' जब कहना होता था
कह जाती थी 'टोटा'
'गोता' का 'गोटा' हो जाता
'सोता' बनता 'टोटा'

भोली-भाली शक्ल बनाकर
पहुँचे टुनमुन भाई
काट रही थी जहां बैठकर-
तकली बुढ़िया माई

कन्हैयालाल मत्त

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