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Thursday, February 13, 2014

मूर्तन / अरुणाभ सौरभ

पत्तों पर बरखा बँदन की
टप-टप टघार
कारी बदरिया के सपने हज़ार
कमरतोड़ आई महँगाई की मार
हिन्दी-पट्टी का सूखा संसार
प्यार-मोहब्बत ना दिल का बुखार
कल्पना-लोक मे क्या करते हो यार.....??
यूटोपियन सुपरस्टार...

अरुणाभ सौरभ

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