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Thursday, February 6, 2014

सबद-1 / ओम पुरोहित ‘कागद’

जुद्ध मंय
मिनख री
लगोलग हार रै बाद बी
बच रैया है
सबद
पळकता
सूरज दांई
आवण आडा
प्रीत री रीत
बिसतारण ।

ओम पुरोहित ‘कागद’

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