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Wednesday, November 6, 2013

परम्परा का अनुकरण / अमित

परम्परा का अनुकरण
या अनुकरण की परम्परा।
भीड़ चारों ओर
चिल्ल-पों और शोर।
भीड़, भीड़ों से घिरी,
भीड़, भीड़ों में गुथी,
भीड़ भी निरुपाय है,
भीड़ ही समुदाय है।
यन्‍त्र-चालित दौड़,
नहीं जिसमें,
स्वाँस का अवकाश।
लगी ऐसी होड़,
छिले घुटने,
ठोकरों ने तोड़ डाले,
पोर अँगुली के।
नाक से, मुँह से हुआ है,
रक्‍तपात।
किन्‍तु फिर भी,
दौड़ने को विवश।
भय है!
भीड़ से पीछे न रह जायें कहीं।
हम अकेले,
गुम न हो जायें कहीं।
अनुकरण की परम्परा
या परम्परा का अनुकरण।

अमिताभ त्रिपाठी ‘अमित’

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