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Wednesday, November 13, 2013

कस्तूरी-रंग / आशुतोष दुबे

जिस गन्ध में यह फूल खिला है
वह एक रंग की है

अपने कस्तूरी-रंग में डूबा हुआ
यह फूल उगता है मन की डाल पर

आप उसे दूर से पहचान लेते हैं
जो भीतर से महक रहा है इस रंग की गन्ध से

आशुतोष दुबे

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